दु ल्हन को श हीद भाई की कमी महसूस ना हो इसलिए शादी में पहुंचे 100 कमां डो, इस अंदाज़ में दी शानदार विदाई

दु ल्हन को श हीद भाई की कमी महसूस ना हो इसलिए शादी में पहुंचे 100 कमां डो, इस अंदाज़ में दी शानदार विदाई

सोशल मीडिया और इंटरनेट के इस दौर में हम रवाना दुनिया भर की बहुत सारि खबरों को जानते है उनमे से कुछ खबरे ऐसी होती है जो काफी जयदा हैरान करने वाली होती है, ऐसी ही एक खबर आयी है हमारे देश के आर्मी से जुडी हुई जिसे सुनकर आप भी अपने देश के जवानो पर गर्व महसूस करेंगे.

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जैसा के हम सभी जानते है की जब भी किसी लड़की की शादी होती हैं तो ये उसके लिए ख़ुशी का पल होता हैं. इस शादी में जब पूरा परिवार साथ होता हैं तो खुशियाँ दुगुनी हो जाती हैं. खासकर एक लड़की की शादी में उसका भाई बड़ा अहम रोल निभाता हैं. शादी की तैयारियों से लेकर बहन को इमोशनल सपोर्ट देने तक भाई की इस दौरान कई सारी जिम्मेदारियां होती हैं.

उधर लड़की के पिता को भी बेटे के होने पर बेटी की शादी में मदद मिल जाती हैं. हालाँकि बिहार के काराकाट में रहने वाले तेजनारायण सिंह की किस्मत में ऐसा नहीं लिखा था. दरअसल हाल ही में तेजनारायण सिंह की बेटी शशिकला की शादी थी. अपनी बहन की शादी के लिए तेजनारायण के बेटे और शशिकला के भाई क मांडो ज्योति प्रकाश निराला ने कई सपने सजा रखे थे. लेकिन दुर्भाग्यवश वे अपनी बहन की शादी देखने के लिए जिं दा नहीं रह सके और उनकी शहा दत हो गई.

दरअसल ज्योति प्रकाश निराला ने बांदीपुरा मुठ भेड़ में श हादत प्राप्त की थी. इस दौरान उनकी आतंकवा दियों से जोरदार मुठभे ड़ चल रही थी. ज्योति ने इस दौरान दो आतंकवा दियों (कमां डर लखवी का भतीजा उबैद उर्फ ओसा मा और महमू द के भाई) को मौ त के घाट भी उतार दिया था. इतना ही नहीं इस मुठभे ड़ में उन्होंने अपने घाय ल साथियों की जान भी बचाई थी.

हालाँकि इन सब के बीच वे भी शही द हो गए. बेटे के गुजर जाने के बाद पिता को बड़ी चिंता थी. खासकर बेटी की शादी को लेकर वे काफी टेंशन में थे. हालाँकि ज्योति के साथी गरुड़ क मांडो ने पिता को बेटे की कमी महसूस नहीं होने दी.

जब बिहार के बदिलाडीह में शशिकला की शादी पाली रोड के सुजीत कुमार के साथ हो रही थी तो इस दौरान गरुड़ कमां डो के लोग भी आ गए. इस दौरान एक पुरानी परंपरा के चलते उन्होंने शशिकला के कदमो के नीचे अपनी हथेलियाँ रख उसे बिदाई दी. इस शादी के दौरान वायुसेना की गरुड़ टीम के 100 कमां डो सम्मिलित थे. ये पूरा नजारा भावुक कर देने वाला था.

 

श हीद ज्योति के पिता का कहना हैं कि गरुड़ कमांडो के आ जाने के कारण उन्हें शादी में बेटे की कमी महसूस नहीं हुई. वहीं दुल्हन बनी शशिकला को भी एक साथ 100 भाई मिल गए. ऐसे में पिता तेजनारायण सिंह ने गरूड कमांडो के प्रति आभार व्यक्त किया.

आपकी जानकारी के लिए हम यहां आपको बता दे कि ज्योति को अशोक चक्र से सम्मानित क मांडो थे. गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश के राष्ट्र पति राम नाथ कोविंद ने उन्हें अशोक चक्र प्रदान किया था. उधर इंटरनेट पर जब लोगो को इस पूरी घटना के बारे में पता चला तो उनकी भी आँखें नम हो गई. हर कोई वायु सेना के क मांडो के इस कृत्य की तारीफ़ करने लगा.

एक यूजर ने लिखा कि बहन ने एक भाई खो दिया तो इश्वर ने उसे 100 और भाई (क मांडो) दे दिए. वहीं दूसरा यूजर लिखता हैं कि “यही वजह हैं कि हमारी इंडियन आ र्मी की बात सबसे अलग हैं. आप सभी को हमारा सलाम.”